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 वर्णव्यवस्था को कदमों तले रौंद डालना चाहिए - स्वामी विवेकानंद
कविता- "धर्म और मजहब पागलपन है" -संतोष शाक्य
हां मैं हिंदुओं को तोड़ रहा हूं क्योंकि पाखंड, कुरीति, मनुवाद, ऊंचनीच ही हिंदू धर्म है.-संतोष शाक्य
जुनैद को फांसी और इस्लाम की सच्चाई - संतोष शाक्य
धर्म क्या है और क्या नहीं है- संतोष शाक्य